ड्रॉपशिपिंग बिज़नेस कैसे करें DropShipping Business in Hindi

ड्रॉपशिपिंग बिज़नेस in Hindi

ड्रॉपशिपिंग एक ऑनलाइन बिज़नेस होता है। ड्रापशिपिंग बिज़नेस में थोक विक्रेता से सामान लेकर ग्राहकों तक पहुंचाना होता है। हालांकि ड्रॉपशिपिंग का काम करते हुए आपको ग्राहकों तक कोई प्रोडक्ट वगैरह खुद से नहीं पहुंचाना होता, ये कार्य सप्लायर के जिम्मे होता है।ड्रॉपशिपिंग बिजनेस में आप एक फुटकर विक्रेता होते हैं, जिसमें आप ‘सप्लायर’ को शिपिंग-चार्ज देते हैं, जो ऑर्डर को उसके ग्राहकों तक पहुंचाने की सुविधा प्रदान करता है। इसके लिए ड्रॉपशिपिंग के व्यवसाय में सप्लायर्स कुछ चार्ज करते हैं। कभी-कभी सप्लायर्स की ओर से इन चार्जेस या शुल्क में शिपिंग-चार्ज को भी जोड़कर बताया जाता है। वास्तव में ड्रॉपशिपिंग का व्यवसाय सप्लायर और ड्रॉपशिपिंग बिजनेसमैन की साझेदारी में चलता है, इसलिए दोनों में एक बेहतर तालमेल जरूरी होता है।

ड्रॉपशिपिंग बिजनेस कौन कर सकता है|

जैसा कि हम जानते हैं ड्रॉपशिपिंग एक ऑनलाइन बिज़नेस होता है, और इसे कंप्यूटर अथवा स्मार्ट-फोन रखने वाला कोई भी व्यक्ति कर सकता है। बस इसके लिए मजबूत इंटरनेट कॅनेक्शन होना चाहिए। ड्रॉपशिपिंग का काम करने के लिए एक ई-कॉमर्स वेबसाइट और स्टोर की भी जरूरत होती है। अगर आप सोशल-मीडिया पर सक्रिय हैं, और आपके फ़ॉलोअर्स की संख्या अच्छी है, तो ड्रॉपशिपिंग का व्यवसाय आपके लिए काफी मुफ़ीद साबित हो सकता है। 

ड्रॉपशिपिंग बिजनेस में क्या करना होता है |

ड्रॉपशिपिंग बिज़नेस

ड्रॉपशिपिंग बिजनेसमैन के पास कोई गोदाम अथवा दुकान नहीं होती, आपकी बस एक वेबसाइट होती है। ड्रॉपशिपिंग बिजनेस में एक फुटकर विक्रेता के तौर पर आपको थोक सप्लायर्स से संपर्क स्थापित करना होता है। ड्रॉपशिपिंग का बिज़नेस करने वाले व्यक्ति को इसके बाद ग्राहकों से ऑर्डर प्राप्त करके उसे थोक विक्रेता या सप्लायर को भेज देना होता है। फिर थोक सप्लायर ऑर्डर किये हुए सामान को उपभोक्ता को डिलीवर करवाता है, और प्राप्त रकम में से ड्रॉपशिपिंग मैन को उसका पहले से तय हिस्सा दे देता है। इस तरह ड्रॉपशिपिंग से आपको अच्छी-खासी आमदनी हो सकती है।

ड्रॉपशिपिंग बिज़नेस कैसे शुरू करें –

ड्रॉपशिपिंग बिजनेस शुरू करने के लिए आपको सबसे पहले अपने इस व्यवसाय से संबंधित एक वर्ल्ड-क्लास वेबसाइट बनानी होती है। फिर आपको इस ड्रॉपशिपिंग बिजनेस वेबसाइट को प्रोमोट भी करना चाहिए। अपनी ड्रॉपशिपिंग बिजनेस वेबसाइट पर ‘ट्रैफिक’ बढ़ाने के लिए आप विभिन्न पेड-प्लेटफॉर्म्स की मदद ले सकते हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर,फेसबुक एडवरटाइजिंग, ई-मेल एडवरटाइजिंग से भी ड्रॉपशिपिंग बिजनेस प्रोमोशन में काफी सहूलियत मिलती है। ड्रॉपशिपिंग बिज़नेस की वेबसाइट बन जाने के बाद ही आपको सप्लायर्स से संपर्क का सिलसिला शुरू करना होता है।

ड्रॉपशिपिंग बिज़नेस कैसे शुरू करें

 इसी तरह का प्रयोग आप अपने अन्य करीबी अथवा विश्वसनीय संबंधों में भी आसानी से कर सकते हैं। इससे आपका ड्रॉपशिपिंग बिजनेस तरक्की की राह पर चल पड़ता है। ड्रॉपशिपिंग बिजनेस की वेबसाइट बनवाते समय आपको एक ‘डोमेन नाम’ लेना होता है। कोशिश करें कि वह आपकी ड्रॉपशिपिंग बिजनेस वेबसाइट का डोमेन नेम सहज हो और आपके प्रोडक्ट के नाम से मिलता-जुलता हो। इसके अलावा आपके ड्रॉपशिपिंग वेबसाइट आकर्षक व ‘यूज़र-फ्रैंडली’ भी होना चाहिए। 

ध्यान रखें कि आपके ड्रॉपशिपिंग बिजनेस में ग्राहकों की संख्या सीधे तौर पर वेबसाइट पर आने वाली ‘ट्रैफिक’ से जुड़ी होती है। अगर आप सोशल-मीडिया के अपने फॉलोअर्स को किसी उत्पाद के बारे में अच्छे से बता सकते हैं, तो बहुत उम्मीद है कि वे इसे खरीदने और इस्तेमाल करने को ‘कन्विंस्ड’ यानी राजी हो जाते हैं। ड्रॉपशिपिंग बिजनेस में हमें अपने ग्राहकों की पसंद-नापसंद का खास ख्याल रखना चाहिए। ध्यान रखें कि ड्रॉपशिपिंग बिजनेस वेबसाइट के स्टोर पर आपके द्वारा जो प्रोडक्ट्स दर्शाये जायें वे सप्लायर के पास उपलब्ध हों। अन्यथा इसका सीधा असर आपके ड्रॉपशिपिंग बिजनेस की क्रेडिट पर पड़ेगा।

ड्रॉपशिपिंग बिजनेस में थोक सप्लायर्स से डीलिंग कैसे करें –

ड्रॉपशिपिंग बिजनेस में वेबसाइट बनाने के बाद पहला कदम होता है सप्लायर्स से संपर्क करना। एक सप्लायर की ड्रॉपशिपिंग बिजनेस की सफलता में काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। थोक सप्लायर से डीलिंग करते समय उसका पिछला रेकॉर्ड जरूर देखें। जिसमें उस सप्लायर द्वारा सप्लाई का तरीका, प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता, ड्रॉपशिपिंग बिजनेसमैन से उसके बर्ताव का तरीका आदि विषयों पर विशेष ध्यान दें। ड्रॉपशिपिंग बिज़नेस में सप्लायर्स का चुनाव करते समय हमें मुख्यतौर पर इन बातों का ध्यान रखना चाहिए !

ड्रॉपशिपिंग बिज़नेस में डीलिंग

  • ड्रॉपशिपिंग बिजनेस में हमें एक से अधिक सप्लायर्स से संपर्क स्थापित करना चाहिए, ताकि आपको बेहतर विकल्प मिल सके। इसके अलावा यदि कभी एक सप्लायर के पास ऑर्डर किया गया सामान न हो, तो लगे हाथ उसे दूसरे से उपलब्ध कराया जा सके,
  • ड्रॉपशिपिंग बिजनेस के लिए उसी सप्लायर का चयन करें, जो ‘चीप & बेस्ट’ प्रोडक्ट्स देता हो। अर्थात सप्लायर का चार्ज व रेट कम हो,
  • सप्लायर ग्राहकों का पूरा ख्याल रखने वाला होना चाहिए, 
  • सप्लायर मार्केट में प्रामाणिक होना चाहिए, 
  • ड्रॉपशिपिंग बिजनेस के लिए उसी सप्लायर को चुनें जो अच्छी क्वालिटी के प्रोडक्ट्स सप्लाई करता हो, क्योंकि इसी पर आपके ड्रॉपशिपिंग बिजनेस की साख निर्भर करती है,
  • ड्रॉपशिपिंग बिजनेस में सप्लायर का चुनाव करें जिसकी ‘प्रोडक्ट्स रिटर्न पॉलिसी’ बेहतर हो, और ग्राहकों द्वारा माल पसंद न आने पर उसे वापस करने में आनाकानी न करे।

ड्रॉपशिपिंग बिजनेस में ग्राहकों की संख्या कैसे बढ़ाएं –

 ड्रॉपशिपिंग बिजनेस में ग्राहकों की संख्या बढ़ने पर ही फायदे भी बढ़ते हैं। इसलिए इस संबंध में हमें कुछ ठोस और कारगर नीतियां अपनानी चाहिए, जैसे–

  • ड्रॉपशिपिंग बिजनेस की वेबसाइट की रोजाना पड़ताल करें, कि कितने ग्राहक आये और उनकी डिमांड क्या है।
  • देखें, कि आपके किस प्रयास से ग्राहक अधिक से अधिक आकर्षित हो रहे हैं, उस पर खास ध्यान दें।
  • देखें कि ग्राहक टूटते क्यों हैं, उसका समुचित समाधान करें।
  • ड्रॉपशिपिंग बिजनेस में अपने ग्राहकों से आप सोशल-मीडिया प्लेटफार्म पर भी जुड़ सकते हैं, और विभिन्न अवसरों पर बधाई, शुभकामना आदि भेजकर अच्छी ‘गुडविल’ बना सकते हैं।
  • ड्रॉपशिपिंग बिजनेस वेबसाइट पर ग्राहकों द्वारा किये गए प्रश्नों का यथोचित उत्तर दें।

ड्रॉपशिपिंग बिजनेस करने के फायदे और नुकसान – 

हर बिज़नेस की तरह ही ड्रॉपशिपिंग बिजनेस में भी कुछ विशेष सहूलियतें हैं, तो कुछ कमियां भी। तो आइये एक नज़र डालते हैं ड्रॉपशिपिंग बिजनेस के फायदे और नुकसानों पर। 

इस क्रम में पहले देखते हैं ड्रॉपशिपिंग बिजनेस के फायदे –

  • ड्रॉपशिपिंग बिजनेस करने को स्पेस यानी जगह बहुत ही कम चाहिए होती है, और मेहनत भी अपेक्षाकृत कम करनी पड़ती है।
  • ड्रॉपशिपिंग बिजनेस ऑनलाइन होता है, सो आप इसे कहीं से भी कर सकते हैं।
  • ग्राहक तक ऑर्डर सप्लाई और डिलीवरी का काम खुद सप्लायर्स ही करते हैं, ड्रॉपशिपिंग बिजनेसमैन नहीं। वह तो ग्राहक और थोक विक्रेता के बीच बस एक ‘मीडिएटर’ यानी बिचौलिया होता है।
  • ड्रॉपशिपिंग बिजनेस में कोई सरहद नहीं होती, इस व्यवसाय को आप अपने मनमुताबिक विस्तार दे सकते हैं।

ड्रॉपशिपिंग बिजनेस की कमियां 

  • अगर सप्लायर अच्छे माल की सप्लाई नहीं करता तो इससे ड्रॉपशिपिंग बिजनेसमैन की भी क्रेडिट खराब हो जाती है,
  • ड्रॉपशिपिंग बिजनेस में ग्राहक को माल-वापसी की सहूलियत देना भी काफी अहम होता है, जिस पर सप्लायर आनाकानी कर सकता है,
  • ड्रॉपशिपिंग बिजनेस के फायदे देखते हुए सप्लायर आपको सपोर्ट करने की बजाय खुद अपना काम भी शुरू कर सकता है, जो आपके लिये नुकसानदायक साबित हो सकता है।

 इस तरह हमने देखा कि ड्रॉपशिपिंग बिजनेस ऑनलाइन होने वाला आजकल का एक ट्रैंडिंग और स्मार्ट बिज़नेस है, जिसके लिए खास जगह अथवा मैनपावर की जरूरत नहीं। और जिसमें कम मेहनत से ही आप अच्छी कमाई कर सकते हैं। हमें आशा है कि ड्रॉपशिपिंग बिजनेस के बारे में ऊपर दी गई जानकरी से आप संतुष्ट होंगे। फिर भी अगर ड्रॉपशिपिंग बिजनेस से संबंधित आपका कोई सवाल हो, तो कॅमेंट-बॉक्स में आकर पूछ सकते हैं।

फैशनेबल महिलाओं की व्यावसायिक पोशाक (Fashionable Women’s Business Attire In Hindi)

Fashionable Women's Business Attire

फैशनेबल महिलाओं को किसी बिज़नेस के लिए या ऑफ़िस में काम करते समय अपनी वेशभूषा (attire) का खास ख्याल रखना चाहिए। फैशनेबुल महिलाओं को ऐसे कपड़ों का चयन करना चाहिए कि बिज़नेस या ऑफिस में काम करते समय आकर्षक व स्टाइलिश दिखने के साथ ही वे भीतर से सहज और ‘कॉन्फिडेंट’ महसूस करें।

महिलाओं की व्यावसायिक पोशाक (women’s business attire) काम के प्रति उनकी लगन और गंभीरता दर्शाता है। हालांकि इस मामले में हमें दूसरों की नकल कभी नहीं करनी चाहिए। तो आइए बात करते हैं फैशनेबल महिलाओं के व्यावसायिक पोशाक (Fashionable women’s business attire) के लिए कुछ कारगर टिप्स के बारे में –

1- फैशनेबल महिलाओं की आकर्षक व्यावसायिक वेशभूषा : पैंट-सूट(Fashionable women’s attractive business attire : paint-suit) – 

पैंट-सूट में कामकाजी महिलायें कॉन्फिडेंट दिखती हैं और स्टाइलिश भी। पैंट-सूट महिलाओं के लिए हमेशा से ‘पॉवर’ का प्रतीक रहा है। सर्दियों में मैचिंग जैकेट के साथ पैंट को भी महिलाओं के व्यापारिक ड्रेस-कोड के लिए उपयुक्त माना जाता है। मौसम के मुताबिक जैकेट थोड़ी-बहुत छोटी अथवा बड़ी आस्तीन वाली भी हो सकती है। 

Paint-suit for women

पैंट-सूट के साथ अगर आप एक अच्छी सी ‘बेल्ट’ का इस्तेमाल करती हैं, तो इससे न केवल आप आकर्षक दिखेंगी, बल्कि आपको अपने कामकाज में भी काफी सहूलियत मिलेगी। व्यावसायिक परिधानों में ‘क्रॉप-पैंट’ का चयन भी कर सकती हैं, पर ख्याल रहे कि पैंट का ‘हेम’ पिंडलियों तक जरूर पहुंचे। हालांकि इंटरव्यूज़ में इस परिधान-शैली को अनुमोदित नहीं किया जाता। 

2- फैशनेबल महिलाओं का पसंदीदा व्यावसायिक पहनावा : डेनिम जैकेट (Fashionable women’s favorite business attire : Denim Jacket)

डेनिम जैकेट बिज़नेस करने वाली महिलाओं के लिए हमेशा से ‘सेमी-फ़ॉर्मल’ स्टाइल वाले ड्रेसेज़ में फेवरिट रहा है। हालांकि डेनिम-जैकेट को कुछ लोग ‘ऑफिस-वियर’ नहीं मानते, पर जब सर्दियों में एक ‘क्लासिक’ पहनावे के तौर पर यह बेस्ट है। डेनिम जैकेट के साथ अगर आप सही आउटफिट पहनती हैं तो आपके लुक में कहीं बेहतर हो जाता है।

Denim Jacket for women

वास्तव में डेनिम जैकेट चाहे स्लिम ट्राउज़र्स के साथ पहनें या फिर ब्लू जींस के साथ, ये ‘वर्साटाइल पीस’ सब पर जंचता है। अपनी डेनिम जैकेट को और स्टाइलिश बनाने के लिए आप इस पर अपने नाम की कढ़ाई भी करवा सकते हैं।

3- व्यस्त समय में फैशनेबल महिलाओं की ‘एथनिक’ व्यावसायिक कपड़े पहनें (Fashionable women’s ethnic business attire in busy times) 

जिस दिन काम का दबाव अधिक हो, तो पैंट-सूट या डेनिम जैकेट में आप असहज महसूस कर सकती हैं। इसके लिए बढ़िया विकल्प हैं– एथनिक सूट्स। इंडियन कुर्ते और पालाज़ो के साथ इसकी शुरुआत बेहतर रहेगी। इसे डेनिम जींस के साथ पहनने पर भी काफी अच्छा लुक आता है।

Ethnic for women

एथनिक कपड़ों में आप उम्दा रंगों का चुनाव कर सकती हैं। एथनिक ड्रेस खरीदते समय यह ख्याल जरूर रखना चाहिए कि वह आपको एक प्रोफेशनल लुक दे। एथनिक कपड़ों के साथ स्कॉर्फ़, मफलर या फिर एक छोटा सा नेकलेस आपके लुक में चार चांद लगा सकता है। 

4- बिज़नेस में फैशनेबल महिलाओं का पारंपरिक परिधान : साड़ी (Fashionable women’s business attire : saree) 

कुछ महिलायें साड़ी को बस शादी-पार्टी आदि समारोहों में पहना जाने वाला परिधान ही मानती हैं; जबकि ऐसा नहीं है। असल में रिलैक्स के दिनों में पहनने के लिए कामकाजी महिलाओं के लिए साड़ी एक बढ़िया विकल्प है। साड़ी को एक सभ्य शालीन पहनावा माना जाता है। अगर आप ऑफिस वगैरह में पहनने के लिए क्लासिक साड़ी का चुनाव करती हैं, तो यह आपको और भी ‘डैशिंग’ और ‘नोटिसेबल’ बना देता है। 

saree for women

साड़ी के लिए रंगों का चयन करते समय ऑफिस वगैरह में काम करने वाली महिलाओं को हल्का कलर ही चुनना बेहतर माना जाता है। आप इस पहनावे के साथ तरह-तरह के आकर्षक ब्लाउज़ेज का प्रयोग भी कर सकती हैं। मंदारिन कॉलर वाले ब्लाउज़ से लेकर फुल-स्लीव ब्लाउज़ेज तक यहां ढेरों विकल्प मौजूद हैं। इसके अलावा अगर आप चाहें तो साड़ी के साथ ‘लाइट-बेल्ट’ भी पहन सकती हैं। 

5- फैशनेबल महिलाओं के लिए आरामदेह बिज़नेस परिधान : कैज़ुअल्स (Fashionable women’s business attire : casuals) –

किसी बिज़नेस या ऑफ़िस में कार्यरत महिलायें वीकेंड के आसपास वाले दिनों में कैजुअल ड्रेसेज़ भी पहन सकती हैं। हालांकि ऑफ़िस या बिज़नेस वगैरह कामकाज वाली जगहों पर पहनावे को लेकर कुछ सख़्त नियम या ‘ड्रेस-कोड’ होते हैं, इसलिए कैजुअल ड्रेसेज़ का चुनाव करते समय हमें सावधान रहना चाहिए कि वे कार्यस्थल पर ‘ओड’ न दिखें। 

Casuals for women

 आप सर्दियों के दौरान कैज़ुअल पहनावों में ‘स्लोगन स्वेट शर्ट’ ट्राई कर सकती हैं। इसे आप कुर्ते पर भी पहन सकती हैं। इसके अलावा अगर आप स्लिम-ट्रिम दिखना चाहती हैं, तो ‘स्ट्रक्चर्ड लेदर जैकेट’ पहनकर भी अपना लुक बेहतर कर सकती हैं। ब्लू डेनिम जींस के साथ इसका कॉम्बिनेशन आपको ‘पॉवर-पैक्ड’ बना देता है। इसके साथ एंकल वाले जूते या फिर हाई-हील्स सैंडल पहनना काफी आकर्षक दिखता है। महिलाओं को काम वाली जगहों पर कैज़ुअल्स पहनावे का चुनाव करने के साथ अपने फुटवियर्स से उसके तालमेल पर विशेष ध्यान देना चाहिए। 

6- फैशनेबल महिलाओं के लिए बिज़नेस की वेशभूषा में  लिपस्टिक का चुनाव (Fashionable women’s business attire : lipstick selection)  

कहीं काम करने वाली स्त्रियों की साज-सज्जा यानी ‘अटायर’ में मेकअप और लिपस्टिक भी शामिल हैं। जिसका चुनाव करते समय हमें ख्याल रखना चाहिए कि यह ज्यादा भड़काऊ न हो। आजकल ‘न्यूड लिपस्टिक’ काफी प्रचलित है। 

Lipstick for women

न्यूड लिपस्टिक का इस्तेमाल करते समय हमें अपनी त्वचा के रंग से इसका मेल जरूर बैठा लेना चाहिए। लिपस्टिक ऐसी होनी चाहिए, जो आपकी ‘स्किन-टोन’ से मिलती-जुलती हो और आपको एक नेचुरल लुक दे सके। हल्के ‘स्किन-टोन’ वाली महिलाओं पर पीच, ऑरेंज, पिंक आदि कलर्स की लिपस्टिक खूब खिलती है। इनको अपने कलर से थोड़ा हटकर लिपस्टिक का कलर चुनना चाहिए। वहीं ‘डस्टी’ स्किन टोन वाली महिलाओं पर ‘लाइट पीच’ कलर की लिपस्टिक बहुत जंचती है। इनके लिए अपनी त्वचा के रंग से हल्के रंग की लिपस्टिक सही रहती है। 

फैशनेबल महिलाओं के बेहतरीन बिज़नेस ‘अटायर’ के लिए कुछ (Fashionable women’s business attire) अन्य जरूरी बातें –

  • हैंड-बैग का चुनाव ड्रेस के मुताबिक ही करें। पहनावे से बेमेल टाइप का बैग आपका सारा ‘लुक’ बिगाड़ सकता है।
  • स्लिंग हैंडबैग को क्रॉस कैरी करने की बजाय कंधे पर लटकायें।
  • हाई-हील्स सैंडल और खुली चप्पलें भी ऑफिस या बिज़नेस के कामों के लिए उपयुक्त नहीं होती।
  • फुटवियर्स का चुनाव करते समय ध्यान रक्खें कि ‘बैली-शूज़’ हर तरह की पोशाक पर फबते हैं। और आजकल फ़ॉर्मल बैली-शूज़ भी काफी ट्रैंडिंग हैं।

हमें उम्मीद है कि फैशनेबल महिलाओं के व्यावसायिक परिधान (Fashionable women’s business attire) के बारे में यहां दी गई जानकारी आपके लिए काफी उपयोगी साबित होगी। फिर भी अगर इस संबंध में आपका कोई सवाल है, तो आप कॅमेंट-बॉक्स में आकर पूछ सकते हैं। या आप संपर्क पृष्ठ से संपर्क कर सकते हैं ।

स्मॉल बिज़नेस आइडियाज़ (Small Business Ideas in Hindi)

Small Business Ideas in Hindi

क्या आप भी पैसे कमाने के लिए ऐसे ‘स्मॉल बिज़नेस आइडियाज़’ (Small business ideas) की तलाश कर रहे हैं जिसमें अच्छा मुनाफ़ा हो, साथ ही पूंजीनिवेश अपेक्षाकृत कुछ कम करना पड़े। कोई भी बिज़नेस शुरू करने में सबसे पहले हमारे जेहन में सर्वप्रथम उसका एक आइडिया आता है; कि हम वास्तव में कौन सा काम करना चाहते हैं। इसके बाद ही उस बिज़नेस को शुरू करने के लिए पूंजी, जगह और काम करने वाले लोगों का इंतजाम होता है। हालांकि बिज़नेस के लिए जरूरी पूंजी के लिए हम बैंक और अन्य वित्तीय संस्थानों से मदद भी ले सकते हैं।

ऐसे बहुत से स्मॉल बिज़नेस आइडियाज़ (small business ideas) हैं जिनमें शुरुआत में कम पैसे लगाकर आगे आप लगातार अच्छी आमदनी पा सकते  हैं। इसके साथ ही आपके ‘स्मॉल बिज़नेस आइडियाज़’ की सफलता आपकी तत्संबंधी कार्यकुशलता, रुचि, लगन, अनुभव, धैर्य, समर्पण आदि वैयक्तिक कारकों पर भी निर्भर है। हम यहां कुछ ऐसे ही छोटे स्तर पर शुरू होने वाले व्यवसायों पर  विस्तार से चर्चा करेंगे.

1- ऑनलाइन बिज़नेस लेखन और ब्लॉगिंग (Online Business Writing and Blogging)

ब्लॉगिंग

व्यवसाय कोई भी हो, आजकल उसका ऑनलाइन स्वरूप सबसे ज्यादा जरूरी व मुफ़ीद साबित हो रहा है। और कुछ बिज़नेस तो करीब-करीब पूरी तरह से ‘इंटरनेट’ पर ही आधारित हैं। यही वजह है कि मार्केट में आजकल वेब-डिजाइनर, वेब डेवलेपर, सोशल मीडिया विशेषज्ञ, ब्लॉगर्स आदि की काफी डिमांड है। ऐसे कामों के लिए आपको केवल कंप्यूटर सिस्टम और अच्छी स्पीड के साथ इंटरनेट की जरूरत पड़ती है। उपरोक्त कार्यों के अलावा हम इंटरनेट के माध्यम से कंटैंट राइटिंग, घोस्ट राइटिंग, कॉपी राइटिंग, अनुवाद, फोटोग्राफी और दूसरे तमाम फ्री-लांसिंग से संबंधित काम भी ऑनलाइन इंटरनेट के जरिए कर सकते हैं। इंटरनेट के माध्यम से आप ब्लॉग-राइटिंग करके ‘गूगल एडसेंस’ के जरिए भी अच्छी-खासी कमाई कर सकते हैं।

2- ब्रेकफास्ट की दुकान (Breakfast Shop)

कम पूंजी से शुरू होकर बेहतरीन मुनाफ़ा देने वाला यह एक लाज़वाब बिज़नेस आइडिया है। ब्रेकफास्ट और चाय-कॉफी की दुकान के लिए शुरुआत में चालीस-पचास हजार की पूंजी पर्याप्त होती है। जिससे अमूमन दस से बीस हजार रुपए प्रतिमाह की आमदनी सुनिश्चित हो जाती है। आप चाहें तो ब्रेकफास्ट की दुकान खोलने के लिए बैंक से ऋण भी प्राप्त कर सकते हैं।

ब्रेकफास्ट की दुकान

इस काम को आप सड़क किनारे किसी समुचित स्थान की तलाश करके भी शुरू कर सकते हैं। जरूरी नहीं कि ब्रेकफास्ट की दुकान शुरू करते ही आप एक लंबी-चौड़ी ‘मेन्यू-लिस्ट’ तैयार करें। बल्कि यह काम चाय-कॉफी, कोल्ड-ड्रिंक्स और कुछेक स्नैक्स, टोस्ट, बिस्कुट और रस्क आदि छोटे-मोटे आइटम्स के साथ भी शुरू हो सकता है। काम बढ़ने पर इस बिज़नेस में आगे आप रेस्टोरेंट या होटल भी डाल सकते हैं। वास्तव में ब्रेकफास्ट और चाय-नाश्ते का  बेहद कम पूंजी से शुरू जरूर होता है, पर आगे इसमें फलने-फूलने की असीम संभावनायें मौजूद होती हैं।

3- डे-केयर सर्विसेज (Day Care Services)

आजकल कामकाजी महिलाओं की संख्या दिनोंदिन तेजी से बढ़ती जा रही है। पर अक्सर इन महिलाओं को कार्य-स्थल पर अपने साथ बच्चों को लाने की मनाही होती है। ऐसे में इन्हें अपने छोटे-छोटे बच्चों की देखभाल के लिए किसी की सेवा चाहिए होती है। ‘डे-केयर सर्विस’ इसी सेवा का नाम है। इसके लिए आपको जरूरी स्पेस और बच्चों को बहलाने वाली कुछ चीजों की जरूरत होती है। इसके अतिरिक्त डे-केयर सेंटर शुरू करने में कोई और विशेष लागत नहीं आती। 

डे-केयर सर्विसेज

‘डे-केयर’ सेवा प्रदान करने के लिए आपको एक बेहतर और सहृदय कर्मचारियों के स्टाफ़ की जरूरत होगी। डे-केयर सेंटर का वातावरण ऐसा होना चाहिए कि बच्चे वहां आसानी से घुल-मिल सकें। साथ ही वह छोटे बच्चों के लिए हर दृष्टिकोण से सुरक्षित और सुविधाजनक होना चाहिए, ताकि लोग-बाग अपने बच्चों को पूरे विश्वास के साथ डे-केयर सेंटर पर छोड़कर निश्चिंत हो सकें।

4- ट्रैवल एजेंट बनें (travel agent)

विश्व मानचित्र पर आज भारत के कई प्रसिद्ध स्थल पर्यटन के लिहाज से टॉप पर पहुंच चुके हैं। देश की आय में पर्यटन अर्थात् ‘टूरिज्म’ व्यवसाय का काफी अहम योगदान है। अगर आप घूमने-फिरने के शौकीन हैं, या फिर आपको ऐसी जगहों के बारे में सटीक जानकारी है तो ट्रैवेल-एजेंसी खोलकर काफी मुनाफा कमा सकते हैं। 

ट्रैवल एजेंट

जब लोग घूमने के लिए प्लान बनाते हैं तो वे गंतव्य स्थल पर किसी प्रकार की संभावित असुविधा से बचना चाहते हैं। पर्यटक होटल आदि की पूरी सुविधा चाहते हैं। एक अच्छा ट्रैवल-एजेंट अपने ग्राहकों के लिए ये सारी व्यवस्थायें करता है, जिसके बदले में उसे अच्छी इनकम होती है। बता दें कि ट्रैवल एजेंसी चलाने के लिये पहले आपको सरकारी प्रमाण पत्र आदि जरूरी कागज़ात तैयार करने होते हैं। इसके साथ ही ट्रैवल एजेंसी खोलने के लिए एक आकर्षक दफ़्तर भी होना चाहिए। 

5- बेकरी का काम (Bakery work)

घर पर किसी का बर्थ-डे हो या कोई अन्य मांगलिक कार्य, बेकरी-उत्पादों का प्रयोग अब सबसे ज्यादा सुविधाजनक और आम है। केक, बिस्कुट, ब्रेड, रस्क वगैरह के अलावा यहां से हम ‘कॅन्फ़ेक्शनरीज़’ यानी कुछ मीठे आइटम्स भी खरीदते हैं। इसीलिये इंडिया में कम पैसे से शुरू होकर बेहतरीन मुनाफ़ा देने वाले बिज़नेस आइडियाज में बेकरी का नाम खासतौर से लिया जा सकता है। बेकरी के उत्पादों को अगर आप खुद बनाना जानते हैं, अथवा सीख लेते हैं, तो इस धंधे में आपका लाभ कई गुना बढ़ सकता है।

बेकरी का काम 

अगर आप बेकरी के प्रोडक्ट्स बनाने की जानकारी नहीं रखते, तो भी एक ‘शेफ़’ को हायर करके यह काम शुरू कर सकते हैं। बेकरी का काम काफी आप कम लागत में, अर्थात् पचास-साठ हजार की पूंजी से शुरू कर सकते हैं। बस इसके लिए आपको बेकरी-प्रोडक्ट्स बनाने कुछ स्पेस, और ‘काउंटर-सेलिंग’ के लिए एक दुकान चाहिए होगी। बेकरी का काम चल जाये तो इससे प्रतिमाह लाखों की आय संभव है। ‘होम-डिलीवरी’ और ‘ऑनलाइन-ऑर्डर बुकिंग’ की सुविधा देकर अपने बेकरी के काम, और मुनाफे में भी आप चार चांद लगा सकते हैं।

स्मॉल बिज़नेस आइडियाज़ (small business ideas in Hindi) पर काम करने से पहले ध्यान रखने की कुछ खास बातें –

स्मॉल बिज़नेस आइडियाज़ (small business ideas), यानी अपेक्षाकृत कम पूंजीनिवेश वाले उद्यम शुरू करने से पहले हमें एक बार इन बातों को ख्याल में जरूर ले लेना चाहिए –

  • खाने-पीने की चीजों का बिज़नेस आज स्मॉल बिज़नेस आइडियाज़ में सबसे सफल व लोकप्रिय है। जिसमें कम से कम लागत में आप अधिक से अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं,
  • अगर आपके पास अपने स्मॉल बिज़नेस आइडियाज़ पर निवेश के लिए पर्याप्त पूंजी नहीं उपलब्ध है, तो आप बैंक अथवा अन्य वित्तीय संस्थानों से ऋण भी प्राप्त कर सकते हैं। स्वनिधि योजना और मुद्रा-योजना जैसी तमाम सरकारी योजनायें भी इसके लिए चलाई जा रही हैं,
  • व्यावसायिक कृषि भी बेहद कम लागत में अच्छा फायदा देने वाला एक बेहतर बिज़नेस है,
  • ऑनलाइन सुविधा प्रदान करके आप अपने किसी भी बिज़नेस को काफी विस्तार दे सकते हैं।

इसके अतिरिक्त भी बहुत सी बातें हैं जो स्मॉल बिज़नेस आइडियाज़ यानी अपेक्षाकृत कम लागत वाले बिज़नेस शुरू करते समय ध्यान रखनी चाहिए। हमें उम्मीद है कि स्मॉल बिज़नेस आइडियाज़ के संबंध में यहां दी गई जानकारियां आपके काफी काम की साबित होंगी। फिर भी अगर आप संपर्क पृष्ठ से संपर्क कर सकते हैं या कुछ पूछना चाहते हैं तो कॅमेंट-सैक्शन में आ सकते हैं